कभी तुम
अकेले में देखना
*तारों को ,_____*
जो कोई तारा
तुम्हे देखकर
टिमटिमाया
*समझ लेना*
*वो मैं हूँ.......*
कभी तुम
खामोश हो
यूँ ही टहलना,
चली जो भीनी हवा
तुमसे लिपटकर
*समझ लेना*
*वो मैं हूँ..____*
कभी तुम
उदास होके
अकेले खड़े हो,
उस पल
जो आंसू गिरे
तुम्हारे गालो को छूकर
*समझ लेना*
*वो मैं हूँ..______*
कभी तुम
जो यूँ ही
अकेले में सोच के
कुछ मुस्कुराओ
उस पल जो
सुकून मिले
तुम्हारे मन को
*समझ लेना*
*वो मैं हूँ..*
अनिता
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