मुझको रखना बंद,
लिफाफे की तरह,
अपने दिल में
छुपाकर कहीं,
न दिखने देना ,
न किसी तक पहुंचने देना,
तुम आहट मेरी,
तुम इस तरह रखना सहेजकर मुझको,
जैसे होती है नाजुक सी,
पंखुड़ियां गुलाब की,
मेरी अठखेलियां,
मेरा बचपना सहेज लेना तुम,
तुम मेरी सांसों की,
महक को भी खुद में समाए रखना,
नन्ही चिड़िया सा देना हमेशा,
तुम लाड़ मुझे,
अपनी हथेलियों की ,
गर्माहट मेरे गालों पर बरकरार रखना,
ज्यादा उम्मीदें तो नही रखता
मैं किसी से कभी,
बस तुम अपने एहसासों में ,
मुझको बसाए रखना..!

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