सोमवार, 6 अप्रैल 2026

**कभी तुम**

 कभी तुम 

अकेले में देखना 

*तारों को ,_____*


जो कोई तारा

 तुम्हे देखकर 

टिमटिमाया

*समझ लेना*

*वो मैं हूँ.......*


कभी तुम 

खामोश हो

 यूँ ही टहलना,

चली जो भीनी हवा

 तुमसे लिपटकर

*समझ लेना*

 *वो मैं हूँ..____*


कभी तुम 

उदास होके 

अकेले खड़े हो,

उस पल 

जो आंसू गिरे 

तुम्हारे गालो को छूकर

*समझ लेना*

 *वो मैं हूँ..______*


कभी तुम 

जो यूँ ही

 अकेले में सोच के 

कुछ मुस्कुराओ 

उस पल जो

 सुकून मिले 

तुम्हारे मन को

*समझ लेना* 

*वो मैं हूँ..*

अनिता

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